टुटता परिवार

टुटता परिवार

#नोकरी_ओर_छोकरी_के_पीछे_टुटता_परिवार
=========#कहानी_घर_घर_की=======

अब बात जब न्यारे-न्यारे तक आई ही पहुँची
तो नौकर की लुगाई बोली मैं नहीं लूंगी भैंस कडपूछी

दोनों भाइयों के बीच नफरत की दीवार लटक गई
मां बाप को रोटी कौन देगा इस पर नौकर की जुबान अटक गई

जैसे तैसे करके मां-बाप को एक बीघा खेत अलग दे दिया
नौकर ने जोश जोश में मां बाप को अपने पास रख लिया
और लुगाई ने पोता-पोती की सेवा में दादा-दादी को लगा दिया

नौकर को पता है भाई निर्दोष है परंतु गाली देना उसकी मजबूरी थी
ऐसा ही मान लो लुगाई के सामने वह एक तरह की कठपुतली थी

अब तो सब कुछ अलग अलग था
नौकर के पास पूरी सुख सुविधाओं का साधन था

अब लग रहा था सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है
पता चला पिताजी को खखार में खून आ रहा है

नौकर की लुगाई को सुगलवाडा बिल्कुल पसंद नहीं
कहीं और जा के मरो हमारे कोई ठेका बंद ही नहीं

बड़े भाई से यह सब देखा नहीं गया
सोच समझकर वही उसे अस्पताल ले गया

अब मां बाप बड़े भाई के पास थे
अब तो नौकर के ससुराल वाले ही ख़ास थे

वह सोच कर परेशान है आखिर किसलिए दुख पाया मैंने इसे पढ़ाने में
और लुगाई के दो चार तंज खींच कर ले जाते हैं उसे मयखाने में

यार दोस्त और FB की पोस्ट देख कर शर्म तो नौकर को बहुत आती है
पर क्या करें भाई कालामाथा की के आगे पेश किसकी खाती है

बच्चों के खिलौने टूटने पर भी झगडे आम हो गये
हम तो लार ही चेन्नई जाएंगे इनसे से परेशान हो गये

जमीन बाटे पर बता दो बच्चों को लेकर चेन्नई फुर्र हो गये
उनका मानना है अब तो हम इस नरक से आजाद हो गये

बड़े भाई के बच्चे आज भी बिना चप्पल स्कूल जाते हैं
वह चेन्नई बिच पर जाकर 5000 का केंडिल डिनर खाते हैं

जब शाम को पलादारी करके बड़ा बेटा घर आया
तो मां रोते हुए बोली तू तो फतो फतो ही मर जाऐगा भाया

समाज मे व्याप कुरूतियो पर विचार विमर्श के लिये 11 मार्च को डिंडिगल पधारे आपका सुवागत है

#उमेश_मीना_अमरपुर 9414965844

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