राजस्थान के सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं किरोड़ीलाल, और जब जानोंगे उनकी खासियत, तो हो जाओगे उनके और भी फ़ैन

राजस्थान के सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं किरोड़ीलाल, और जब जानोंगे उनकी खासियत, तो हो जाओगे उनके और भी फ़ैन

जब कभी भी राजस्थान की बात चलती है तो राजस्थान की राजनीति में एक ऐसा नाम उभर  कर आता है, जिसके सर पर ना ताज है, ना ही वो  कहीं का राजा है, लेकिन फिर भी राजस्थान की जनता उसकी दीवानी है। अब यह तो आप भी सोचते होंगे कि जब कोई बड़ी पार्टी का नेता नही और ना ही वो मंत्री और ना ही मुख्यमंत्री, फिर जनता उसके पीछे इतनी दीवानी क्यों……कोई तो खास बात होगी उसकी ! तो आज हम आपको कुछ ऐसे ही कहानी बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आपको पक्का लगेगा कि यार क्यों ना हमें भी डॉक्टर किरोड़ी लाल को फॉलो करना चाहिए ।
वैसे डॉक्टर किरोडी लाल मीणा लिए हर रोज मैं ऐसी कहानी बताऊंगा तो भी सारी नहीं बता पाऊंगा, क्योंकि यो मानो कि उनका हर दिन आम जनता के बीच, आम जनता के दुख दर्द को जानने-समझने और उनका साथ देने के लिए ही निकलता हो या यूं कहूं कि उनका सारा जीवन राजनीति से ईतर एक आम जनता की सेवा में ही समर्पित किया हो। 

जब एक गरीब किसान की झोपड़ी में समाचार लेने पहुँचे किरोड़ीलाल

यह जो घटना में बताने जा रहा हूं यह आज करौली जिले के रानोली गांव की है जहां पर एक क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा था और उस क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में डॉक्टर किरोडी लाल मीणा जी अपनी टीम के साथ पहुंचे थे और उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वहां पर आम जनता के साथ वार्तालाप करते हुए उन्हें पता चला कि इसी गांव के एक वृद्ध व्यक्ति की उन्होंने बहुत मदद की थी और उसकी वजह से आज वह अपना स्वस्थ जीवन जी रहा है

आपको बता दें कि इसी गांव के एक वृद्ध व्यक्ति की कुछ दिन पहले बहुत ज्यादा तबीयत खराब हो गई थी और उसे तुरंत टोडाभीम से दोसा अस्पताल के लिए रेफर किया गया था, तो उनके वृद्ध व्यक्ति के पुत्र सुमेर सिंह राजोली ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पिताजी के इलाज के लिए मदद का अनुरोध किया था और उनके इस अनुरोध को डॉक्टर डॉ किरोड़ी लाल मीणा जी की टीम के सारथी धुंधी मीणा जी ने नोटिस में लिया और तुरंत उन्हें इनबॉक्स मैसेज किया कि आप बताइए और आपको जो भी जरुरत पड़ेगी वह मदद हम करेंगे और अच्छे से अच्छे इलाज की व्यवस्था करेंगे।

सोशल मीडिया की ताक़त से तुरन्त सहायता मिल पाई उन्हें

इसके बाद में सुमेर  अपने पिताजी को लेकर दौसा पहुंचे और वहां पर पहले से ही धुंधी मीणा जी की टीम उपस्थित थी और उन्होंने डॉक्टरों से और अपने मिलने वालों से कह कर उनके पिताजी के इलाज के लिए सभी जरुरी व्यवस्थाएं उपलब्ध करवा दी थी, लेकिन वहां पर उनकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई थी और उन्हें दौसा से जयपुर रैफर करना पड़ा था तो उन्होंने इस घटना से  डॉक्टरी लाल मीणा जी को अवगत करवाया  तो डॉ किरोड़ी लाल मीणा जी ने तुरंत इमरजेंसी इलाज की व्यवस्था का आश्वासन दिलाया। और जयपुर पहुंचने पर डॉ किरोड़ी लाल मीणा जी ने sms अस्पताल में उन वृद्ध बाबा की इलाज की तुरंत व्यवस्था करवाई और कुछ दिनों बाद उनकी सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और अभी वह अपने गांव राजोली में ही हैं।

किरोड़ीलाल को पता चला तो पहुँच गए घर मिलने

और आज जब जनता से संवाद करते हुए उन्हें पता चला कि वो बाबा यहीं इसी काम के रहने वाले हैं और अब उनकी सेहत सही है और सभी गांव वालों ने उनका आभार व्यक्त किया तो डॉक्टर साहब उनके हालचाल पूछने के लिए उनके घर पहुंच गए

एकदम किरोड़ीलाल को देख कर गदगद हो गए घरवाले

और डॉक्टर साहब अपनी टीम के साथ सुमेर राजोली के घर पहुंच गए थे। यह एक आम किसान का घर था, बाबा अपनी छान में आराम कर रहे थे और एक दम अपने घर पर किरोड़ीलाल को देख कर उन्हें बड़ा अचंभा भी हुआ और बड़ी खुशी भी हुई । डॉक्टर साहब ने उनसे मिलकर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली।

जब चाय खुद अपने हाथों से परोसी डॉ किरोड़ीलाल ने

आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी  पहले कभी चाय बेचा करते थे, लेकिन शायद देखा नहीं होगा और प्रधानमंत्री बनने के बाद तो कभी नहीं देखा होगा 

लेकिन राजस्थान का एक जननायक डॉ किरोड़ी लाल मीणा जो पिछले 30 साल से राजनीति करने के बावजूद भी आज भी जमीन से जुड़ा हुआ नेता है, आज भी वह आम जनता के दुख दर्द को समझता है। उस समय घर पर सुमेर या और कोई व्यक्ति नही था, घरवालों ने चाय बनाई, तो डॉक्टर किरोडी लाल मीणा जी ही खुद आगे आकर  अपने हाथों से चाय सबको परोसी और चाय पी।

इस घटना के बाद कुछ यूं निकली दिल की आवाज

डॉ साहब हर किसी को #समानता की भावना से देखते है इसलिए ही हम उनके समर्थक है,#भक्त भी कह सकते हो!आज मेरे गरीब की झोपडी के आँगन में आकर   डॉ साहब और उनके साथ आये हुए Dhundhi Meena,Vikram Poonjlot जी और भी साथीयो ने यह साबित कर दिया कि वाकई में उनके लिए कोई छोटा बड़ा नही होता!!#दुर्भाग्य रहा कि मै डॉ साहब के स्वागत के लिए घर पर उपस्थित नही था!!इसलिए घरवालो ने स्वागत किया अगर उसमे कमी रह गयी हो तो दिल से क्षमा  मांगना चाहूँगा!!डॉ साहब ने सबसे पहले #पिताजी के समाचार लिए और मुझसे अपने बच्चे की तरह फोन पर भी बात की और बोले कि भाई सुमेर पिताजी को अब की बार जयपुर लेकर आओ तो पुरानी जांच साथ लेकर आना और मै खुद इस मुद्दे पर अन्य डॉक्टरों से #सलाह_मशविरा करूँगा!

#आजडॉसाहबकीआवाजमेरेफोन_पर__सुनकर बड़ी प्रशन्नता महसूस कर रहा हूँ!~ सुमेर रजौली
यह तो हमने सिर्फ आपको एक स्टोरी बताई हैं, यदि आप डॉक्टर करोड़ी लाल मीणा जी के बारे में थोड़ा भी पढ़ने की कोशिश करेंगे तो आपको उनके पूरे जीवन में ही इस तरह की ही कहानियां नजर आएंगी क्योंकि उनका पूरा जीवन ही आम जनता के बीच और आम जनता की तरह, आम जनता के दुख दर्द को दूर करने के लिए ही व्यतीत होता है।

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