दिखी सोशल मीडिया की ताकत, लापता बालक को ढूंढ निकाला 24 घंटे में

  आज हम आपको सोशल मीडिया के एक बहुत ही सकारात्मक पहलू के बारे में बताने जा रहे हैं सोशल मीडिया की थी जिसके सहारे एक अपने मां-बाप से बिछड़ा हुआ 13 वर्षीय बच्चा मात्र 24 घंटे के अंदर अंदर अपने घरवालों को वापस मिल गया और यह तब हुआ जब बच्चा ट्रेन में बैठकर अपने गांव से कोई 2000 किलोमीटर दूर चला गया था उसके बावजूद सोशल मीडिया ने उस बच्चे को 24 घंटे के अंदर अपने घरवालों से मिलवाने का बहुत ही बेहतरीन काम किया है

यह कल शाम यानी 26 25 दिसंबर सोमवार की घटना थी शाम को कोई 5:00 बजे राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर कस्बे से एक 13 वर्षीय बालक लापता हो गया था उसके पास मोबाइल फोन था जिससे घरवाले उसकी लोकेशन का पता लगा पा रहे थे शायद बच्चा घर से नाराज होकर शाम को आने वाली मरुधर एक्सप्रेस में बैठकर चला गया था और जब परिवार वालों ने इस खबर को अपने आस पड़ोस में बताया तो उन लोगों ने इस पोस्ट को Facebook और WhatsApp पर शेयर कर दिया और उन्होंने जिस तरह साफ जाहिर किया कि मरुधर में बैठकर वह बच्चा जोधपुर की तरफ गया है और उसकी लोकेशन फुलेरा जंक्शन आ रही है तो तुरंत ही सोशल मीडिया पर एक्टिव युवाओं ने फुलेरा जंक्शन प्रकार उसको ढूंढने के लिए पूरे प्रयास शुरु कर दिए थे और यह खबर कुछ ही देर में वायरल होकर फैल चुकी थी सभी तरफ लोग उस बच्चे को अपने मां-बाप से मिलाने के लिए कमरकस चुके थे। शायद किन्हीं कारणों से बच्चा मिल नहीं पा रहा था रात को उसकी लोकेशन पश्चिमी राजस्थान में मिल रही थी लेकिन आज सुबह उसकी लोकेशन देहरादून एक्सप्रेस नागदा साइड की तरफ आ रही थी तो एकदम रतलाम बेल्ट की तरफ के लोग एक्टिव हो गए थे और उन लोगों ने उनके परिजनों के बताए निर्देशानुसार देहरादून एक्सप्रेस पर सतर्क हो गए थे और आज जैसे ही देहरादून एक्सप्रेस रतलाम रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो वहां पर कार्यरत स्टाफ ने पूरी मुस्तैदी के साथ में ट्रेन की तलाशी ली और उनको यह बालक देहरादून एक्सप्रेस में सकुशल मिल गया ।

उस बच्चे की पहचान  नाम – :अवकेश मीणा  पिता का नाम – :भरतलाल मीणा कद-:4फिट 5इच   रंग – :गोरा उम्र – :13 वर्ष  गांव-:   अलीपुर, हीगोटा  कपड़े – लाल व हरे रंग की टी शर्ट व जीन्स के रूप में हो चुकी हैं।

अपने बच्चे के मिलने की खुशी के बाद में बच्चे के पिता भरत लाल मीणा जी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने सोशल मीडिया के इस मुहिम का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया है और उसके पूरे परिवार का मानना है कि आजकल Facebook Whatsapp नहीं होते तो शायद हो सकता है कि उनका बालक से मिलना संभव नहीं हो पाता तो 

साथियों यह घटना में बताती है कि यदि हम सोशल मीडिया का सार्थक यूज़ ले तो यह एक बहुत बड़ी है मानवीय पहल कर सकता है।

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