डॉ किरोड़ीलाल को समर्पित अल्फाज

डॉ किरोड़ीलाल को समर्पित अल्फाज

क्या लिखूं क्या क्या लिखूं,मुद्दा अगर एक हो तो वह लिखो बातें अगर एक हो तो मैं लिखूं, हर पल संघर्ष है हर पल कुछ नया है ,उसके बारे में क्या क्या लिखूं
 अगले ही पल क्या कर दे,इस पल क्या कर रहा है। इस पर लिखूं या उस पर लिखूं!! यहां का लिखूं या वहां का लिखूं

 इस पल यहां है अगले पल वहां हैं ,इस पल का लिखूं या अगले पल का लिखूं

 मुझे समझ नहीं आता इस जहां का लिखूं , या उस जहां का लिखूं!!

तेरे बीते हुए दौर का लिखूं या बीत रहे आज का लिखूं!  या आने वाले तेरे स्वर्णिम भविष्य का लिखूं!!तेरी जेलों में बीती हुई रात का लिखूं! या जन के लिए संघर्ष की रात का लिखूं!!

चेतन सोनी हत्याकांड बांदीकुई के न्याय पर लिखूं!या मंडावर के बैंक मैनेजर के न्याय के लिए लिखूं!!आहोर पर लिखूं या पिंटू मीणा हत्याकांड पर लिखूं कौन सी गाड़ी है!!यह तो बस एक दास्तान हैं हजारों कहानियां हैं उन पर कहां तक लिखूं!!!

36 कौम के लिए किए गए संघर्ष पर लिखूं!या सर्व धर्म समभाव पर लिखूं!!गोपालगढ़ हत्याकांड पर लिखूं!या हनुमानगढ़ के नहनू हत्याकांड पर लिखूं!!

तेरे जन्म दिनों पर किए गए हजारों यूनिट रक्तदान पर लिखूं या हर रोज चलते SMS मरीजों के सेवा दान पर लिखू!!

 

    तेरी बुलंदियों की दास्तान लिखूं,या तुझे गिराने के लिए रचे षड्यंत्रों की,कुटिल कहानियां लिखूं!!!

 तुम एक महानायक हो जननायक हो,जनता का सहारा हो जनता का आशीर्वाद हो,गरीब पीड़ित दलित आदिवासी शोषित मजदूर दुखी के साथी हो!!हो इनके लिए पल-पल जीते हो संघर्ष करते हो 

हर किसी से लड़ जाते हो जेलों में भी चले जाते हो!इन संघर्ष की दास्तां को शब्दों के जाल में कहां तक लिखूं रखो!!
  @Jiyalal Nihalpura

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