क्या आपको भी ऐसा लगता हैं कि इस तरह चलता रहा तो, 2018 में मीणायो का डिब्बा गोल हैं !

क्या आपको भी ऐसा लगता हैं कि इस तरह चलता रहा तो, 2018 में मीणायो का डिब्बा गोल हैं !

आज मेरा समाज शून्यकाल में हैं

समाजहित में सोचने वालों का भारी अकाल हैं।
आजकल तो हमारे युवा भी राजनैतिक गुलाम हैं,

फिर हमारे पंच पटेलों भी क्या उम्मीद हैं।
सब नेता भी अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकने में व्यस्त हैं,

ये पता उन्हें भी हैं, कि उनका समाज पूरी तरह रोगग्रस्त हैं।

तभी तो सभी नेता बारी बारी से समाज को बेचने में मस्त हैं,

सच में, ये नेता भी समाज से ज्यादा पार्टी फ़ोबिया से ग्रस्त हैं।
हर कोई अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को समाज की लड़ाई बताने में मशगूल हैं,

तभी तो आज मीणायो के वोट की इज्ज़त का हर तरफ़ डिब्बा गोल हैं।
जनता भी सब जानती हैं, लेकिन चुप हैं, क्योंकि ये भी तो भक्ति में लीन हैं,

और किसी ने कुछ बोल भी दिया तो समझो वह समाज की उन्नति से परेशान है।

सच कहूँ, तो हर नेताजी की अपनी टोली हैं, जो जनता को उल्लू बनाती हैं,

और कोई ज्यादा होशियार बने, तो उसे धमका कर ये  घर बैठा देती हैं।।
लेखक और कवियों से हमको उम्मीद थी, क्योंकि इनकी वाणी सच के लिए जानी जाती हैं,

लेकिन अब क्या करें, हमारे तो ये बुद्विजीवी भी तो बस एक कुँए के पॉन्जी हैं।

कैसे बनेगा मेरा समाज मजबूत, इस पर लिखकर कोई नहीं अब राजी हैं,

हर कोई की कलम अपने नेतायों को खुश करने की जो अब आदि हैं।।
अब मैं लाचार हु, किससे उम्मीद करू, तुम भी तो जयकारों में व्यस्त हो,

अरे कोई तो पूछे नेतायों से, कि पूर्वी राजस्थान में क्या विकास हो।

कितने हॉस्पिटल खुलवा दिए, कितनो को तुमने रोजगार दिया,

कसम हैं, तुमको नेताजी इस समाज की, सच बतलाओ

क्यो आज भी हमारे युवा खाने कुमाने के लिए दिल्ली केरल जाने को मजबूर है।
क्या हुआ युवा तेरे खून को, जो तू भी चापलूसी में लाचार हैं,

पूछो ना कैसे भेजेंगे 50 मीणा विधानसभा में,क्या आपका प्रोग्राम हैं।

कुछ तो सीखो और समाजो से, हम क्यों सच्चाई से अनजान हैं,

सब नेताओं को करो लाइन हाजिर, फिर पूछो समाज के लिए 2018 में क्या प्लान हैं।।
भाइयो नाराज ना होना, मुझको पता कि तुमको कड़वी दवा पसंद नहीं,

तभी आज समाज के पास कोई युवा हार्दिक पटेल जैसा सरताज नही।

फिर भी मैं निराश नहीं हैरान हूं, क्यो हमको भविष्य की बात पसंद नहीं,

जो दिखाए हमें भविष्य की गैल, क्यो नहीं हमको ऐसा नेतृत्व पसंद नहीं ।।।

Facebook Comments