कहीं दूसरा कन्हैया कुमार ना बन जाये मनीष मीणा, इसलिए डरी हुई पूरी केंद्र सरकार

एक चिंगारी और एक विचार, जो कभी खत्म नही हो सकता। आप जब प्रग्रतिशील भाषण देकर किसी सभा या सेमिनार मे आ जाते हो, लेकिन जब आपकी जरूरत आपके लोगो…

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मैं छोटे छोटे सपने देखता हूँ, बड़े सपने देखकर अपनी आँखें क्यो बोझिल करू..

मुझे छोटे-छोटे सपनो को चुनने की आदत है इसलिए मैंने बड़े सपने देखकर आँख को कभी बोझ नही दिया।मेरे बड़े लोग आदर्श भी नही रहे है।महात्मा गाँधी,महात्मा बुद्ध,अकबर,राणा प्रताप,नेपालियन ,हिटलर…

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