मीणा लोक-साहित्य की लोकप्रिय विधा-मीणावाटी गीत.. सबसे निराले हैं ये आदिवासी गीत

मीना लोक साहित्य---- वृहद विस्तार क्षेत्र गायन की स्वतंत्रता, लिंग-भेद का अभाव, प्राचीनता, सर्वत्र प्रचलन, सार्वकालिक,प्रेमाभिव्यंजना के आधिक्य एवम् मीणाओं के पर्याय आदि गुणों एवम् विशिष्टता के कारण आज मीणावाटी…

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मीना लोक गीतों में पति पत्नी में हास परिहास

मीना लोक गीतो में पति-पत्नी में हास- परिहास- उपालभ्य--- पति -पत्नी गृहस्थ जीवन रुपी रथ के दो पहिये हैं अतः इनमें सांमजस्य रहना बहुत जरुरी हैं । इस हेतु दोनों…

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