Category: सामान्य

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जातीय जनगणना

2011 में जब जनगणना हुई थी तब जातीय आंकड़े भी जुटाए गये थे। लेकिन 4 साल बाद भी मोदी सरकार इनको उजागर नहीं कर रही है। इसका मकसद सूचनाओ को एकत्रित करके, सार्वजानिक करना...

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ईमानदारी से नोकरी के साथ अपना एवम समाज का नाम रोशन किया अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील के गढ़ी के पास एक छोटे से गांव मंजवाड के होती लाल मीणा ने,

मीना कही भी हो अपनी ईमानदारी और कर्तव्य को इस कदर निभाते है कि उनके वरिष्ठ अधिकारी भी उनका नाम लेते नही थकते, एक ऐसा ही माजरा आपको इस वीडियो के देखने मे मिलेगा...

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खलनायक तो बहुत है जननायक बस एक

“खलनायक तो बहुत है, जननायक बस एक उनका राजस्थान में करें हम मिलकर अभिषेक ! सत्य अहिंसा क्रांति का ,जो देता सन्देश वही किरोड़ी लाल है,जो सबके मन में शेष । सुनता जनता की...

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जाग रहा था मन सो रहा था तन(किसान की वेदना)

जाग रहा था ख्यालो में सो रहा था तन, गला रुन्द रहा था रो रहा था मन…… जब निकलेगी किरणे तो देखेंगे अपने सपनो को, पेट के लिए हमने मिट्टी में मिला दिया है...

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मैं छोटे छोटे सपने देखता हूँ, बड़े सपने देखकर अपनी आँखें क्यो बोझिल करू..

मुझे छोटे-छोटे सपनो को चुनने की आदत है इसलिए मैंने बड़े सपने देखकर आँख को कभी बोझ नही दिया।मेरे बड़े लोग आदर्श भी नही रहे है।महात्मा गाँधी,महात्मा बुद्ध,अकबर,राणा प्रताप,नेपालियन ,हिटलर न जाने इतिहास के...

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मुख्यमंत्री महोदया ने शोषलमीडिया के माध्यम से बजट प्रस्ताव मांगे

आगामी वित्तीय बर्ष के लिये बजट पूर्व चर्चाओं का दौर सुरु हो चुका है। अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं के लिये बजट आवंटन हेतु प्रस्ताव स्वयंसेवी संस्था, जनप्रतिंनिधि  आम जनता भेज सकती हैं। पूर्वी...

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YOUth decide “the climate,the vote,the future..

मुल्क में युवाओं की आबादी सर्वाधिक है.. हमारे समाज और इस ग्रूप में भी युवाओं की संख्या सबसे ज़्यादा है।सबसे ज़्यादा का मतलब मैक्सिमम…।किसी भी समाज और देश के लिये युवाओं का हुनर और...

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कांग्रेस का नेतृत्वविहीन नेतृत्व

कांग्रेस का नेतृत्वविहीन नेतृत्व हमारे कुछ राजनीतिक विचारक जिसके नेतृत्व की तारीफ करते नही थकता उसका नेतृत्व इतना कमजोर है कि अपने  विधायक तो विधायक उपमुख्यमंत्री तक को नही संघटित नही रख पाए अब...

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चालाक और अपना फायदा देखने वाले व्यापारियों को  आधुनिक काल का  ‘ काला अंग्रेज’  यानी ‘ कॉरपोरट ‘  कहते है । 

एक दिन मैं एक मित्र के घर बैठा हुआ था । चाय की चुस्कियों के साथ हमारी कई विषयों पर बात हो रही थी ।  हमारा विषय अक्सर जल जंगल और जमीन से ही...

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देश में एक जगह ऐसी भी जहां नई साल की शुरुआत होती है ‘आंसूओं’ से

#1_जनवरी1948 #आदिवासीयो का #कालादिन।?●#BLACK_DAY_OF_TRIBAL●? #जोहारजयआदिवासी_उलगुलान।???? 1 जनवरी 1948 को खरसावां(झारखण्ड) हाट में 50 हजार से अधिक आदिवासियों की भीड़ पर ओड़िशा मिलिटरी पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें कई आदिवासी मारे गये थे।...