आदिवासी तेरा शोषण

~~~~~~~आदिवासी तेरा शोषण~~~~~~ जिस आरक्षण के वृक्ष तले तुमने छाया और फल खाया है उसकी जड़ो मे दुश्मन ने तेजाब आज गिरवाया है! जिसके पैरो को तुम पुजो वह सिर…

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आदिवासी क्षेत्रों में खुलने वाले एकलव्य स्कूलों की ये होगी खासियत !

भारत के वित्तमंत्री अरुण जेटली ने साल 2018 के बजट सत्र में शिक्षा को लेकर कई अहम फैसले सुनाए जिनमें से आदिवासी क्षेत्रों में ‘एकलव्य स्कूल’ खोलने की योजना भी…

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राज्यसभा टीवी में नहीं रही देश के आदिवासियों की आवाज, पद का दिया त्याग !

नए उपराष्ट्रपति के आसीन होने के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि उनके अधीन आने वाले राज्यसभा टीवी में भी अब बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। उपराष्ट्रपति…

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पाँचवी अनुसूची की सख़्ती से अनुपालना करवाने के लिए सभी आदिवासियों को एकजुट होना ही पड़ेगा

सेवा जोहार  भाइयो आज आदिवासी समुदाय  का अस्तित्व जाति,संगठन व धर्म में बंट गया है। हमें अब एकजुट होने की आवश्यकता है। आज हमारे समुदाय का अस्तित्व खतरे में है।चारो…

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जयस के प्रयास ला रहे हैं रंग, धीरे धीरे भारत भर के आदिवासी एकजुट होकर समझ रहे हैं अपने अधिकारों को

आज हमारे आदिवासी  समाज के युवा अपने संविधानिक अधिकार की बात कर रहे है तो इन्हें अपने युवाओं पर नाज करना चाहिये था लेकिन आज अपने ही आदिवासी समाज के…

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प्रेस की आज़ादी जनजातियों और दलितों के ख़िलाफ़ ही क्यूँ..?

प्रेस की आज़ादी जनजातियों और दलितों के ख़िलाफ़ ही क्यूँ......? हुकुमतों,भ्रष्टाचारियों,कालाबाज़ारियों,सफ़ेदपोशों, बलात्कारियों,घोटालेबाज़ों के ख़िलाफ़ ये आज़ादी ग़ुलामी में क्यूँ बदल जाती है। अख़बार आपका है,ख़बरदार आपका है,रसूखदार आपके है, तथाकथित…

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आदिवासी ‘जयपाल सिंह मुंडा’

जयपाल सिंह मुण्डा (3 जनवरी,1903) ..?? ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ जब भी आरक्षण का जिक्र होता है, हम भीमराव अम्बेडकर का ही जिक्र करके ही ठहर जाते है, जिन्होने दलित समाज के उत्थान…

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भारत की पहली शिक्षिका महिला

सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले (3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897) भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर…

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भारत के संविधान में ‘पांचवी अनुसूची’ अनुच्छेद 244 (1) अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण

अनुसूचित क्षेत्र के ‘आदिवासी समाज’ शिक्षित होने के बाद भी अपने अधिकारों के प्रति अनिभिज्ञ है ! ‘Tribal Development’ तथा ‘Security ‘के लिए ‘भारत के संविधान में दर्जनों प्रावधानों के…

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चालाक और अपना फायदा देखने वाले व्यापारियों को  आधुनिक काल का  ‘ काला अंग्रेज’  यानी ‘ कॉरपोरट ‘  कहते है । 

एक दिन मैं एक मित्र के घर बैठा हुआ था । चाय की चुस्कियों के साथ हमारी कई विषयों पर बात हो रही थी ।  हमारा विषय अक्सर जल जंगल…

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एक आदिवासी महिला जो कभी घरों में पानी भरती थी, वो आज 20 लाख का टर्नओवर देने वाली वेबसाइट की मालकिन है

भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर क्षेत्र में अलग-अलग कला देखने को मिल जाती है, वो कला जो अपने आप में अद्भुत होती है और इतिहास बयां करती हो।…

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गुजरात आदिवासी आंदोलन के कर्णधार छोटुभाई वसावा जीते

आज जारी हुए गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणामों में कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई के बीच में एक ऐसा भी शख्स था जो अपने हकों के लिए, जो सिर्फ अपनी…

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जरायम दादरसी – आदिवासी मीना इतिहास पर शानदार राजस्थानी फिल्म

लेखक निर्देशक प्रभुदयाल ने अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष पर बनाई राजस्थानी फिल्म जरायम दादरसी  जयपुर। राजस्थानी सिनेमा में प्रभुदयाल पहले ऐसे निर्देशक बन गये हैं, जो अपनी ही बनाई शॉर्ट फिल्म…

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भ्रष्ट व अनैतिक अफसरशाही व उनके पोषकों द्वारा समाज में लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या !      #MyMumbaiDiary

मुम्बई मीणा समाज के लिए इस रविवार' 26 November 2017 का दिन काफी #दुर्भाग्यपूर्ण रहा। दो वर्ष बाद घोषित आदिम जाति मीणा विकास एसोसिएशन, मुम्बई (रजिस्टर्ड संस्था) के तथाकथित चुनाव…

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