समाज में सकारात्मक लिखने वालों की कमी नहीं, बस जरूरत है मार्गदर्शन की

-मीणा समाज में दर्जनों साथी सोशल मीडिया पर बेहतर लिख रहे हैं।

—50 लेखकों के नाम सामने आए।

— महिलाएं भी लिख रही हैं।

17 जनवरी की पोस्ट के बाद एक दर्जन नाम सामने आए ।

$18 जनवरी की पोस्ट के बाद लगभग एक दर्जन लेखकों के नाम ओर जुड़े हैं ।$ ——————————- – – ———————————-/-

—-लगातार मीणा समाज के लेखक सामने आ रहे हैं ।
–मीणा समाज में अनेक लेखक हुए हैं। सोशल मीडिया पर दर्जनों उम्दा लिख रहे है।
कुछ साथी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अपना अधिकार रखते हैं:-

#इन लेखकों में प्रमुख हैं#:——
1- नेमीचंद जी ।2- मानसजेपी जी ।
3- के पी जी। 4- प्रह्लाद जी।
5 – शशि जी। 6- रामचरण जी।

7– सोनू जी। 8–मनोज जी।

9– किशन जी। 10- सतपाल जी ।

11– किशन जी पेलावत। 12- देवप्रकाश जी।
13– रामसिंह रानोली जी। 14मेघराज जी ।

15– बी. सिंह. मोहचा जी ।
16– प्रभुनारायण बेप्लावत जी।
17– मदन जी। 18– पुरुषोत्तम जी।
19– ताराचंद जी। 20– देवराज जी।
21– हेमंत जी। 22– विक्रम जी।
23– नरेश पाल जी। 24– पदम् जी और
25– पिंटू जी। आदि — आदि। ।

17 जनवरी की पोस्ट के बाद

हमारे साथियों की ओर से यह नाम भी सामने आए हैं#:—

26– हरिराम जी ।27- विजय सिंह जी ।
28- बिहारी जी। 29– हरिसिंह जी ।
30 — भरत लाल जी। 31– गंगा सहाय जी ।
32– हंसराज जाखोदा जी ।33- मनोज मेहर जी ।
34– हरिमोहन जी ।35 – चेतराम जी। 36 – जियालाल निहालपुरा जी ।
—18 जनवरी की सूची के बाद अन्य लेखकों की सूचना भी मिली है, लगातार समाज के लेखक निकलकर आ रहे हैं:–
37 — रामधन लाल जी।38- आर पी जी।
39-राजेश जी।40 – भगवान सिंह जी।
41– रामहेत जी।42– बी एस जी।
43– दिनेश सेहरा जी। 44- आर एन जी।
45- श्रीमन जी 46– अरुण मच्या जी।
47– वेदप्रकाश जी। 48– रामलखन जी ।
49 — हरिनारायण जी ।50 – सुभाष जी ।

–हमारी मातृशक्ति भी लिख रही हैं– #अनिता जी #बेहद अच्छा लिख रही हैं। #हेमलता #जी लिख रही हैं।#गीता जी #लिखती हैं। #आरती जी,##आशा जी# लिख रही हैं।#

  • — इनके अलावा भी सैकडों लेखक हैं ,जो लेखन के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

–हो सकता है वह सोशल मीडिया के अलावा अन्य स्तर पर लिख रहे हैं।
समाज के ” सैकडों शोध छात्र ” है।

–विभिन्न विश्विद्यालयों में अध्यापन से जुड़े साथी भी बेहतर लेखन करते हैं।

— यह मीणा आदिवासी समाज के लिए ख़ुशी की बात है कि दर्जनों लेखक सोशल मीडिया पर अपना नाम रोशन कर रहे हैं।

— यहां मैं साथियों को निवेदन करना चाहूँगा कि :- —वह धरातल की स्थिति को साहित्य में उतारने का प्रयास करेंगे तो उचित रहेगा।

–लेखन वस्तुनिष्ठ भी हो ,जो दिख रहा है उसका उल्लेख अवश्य हो।।

— मैं सम- सामयिक बिषयों पर समाज के लोगों की आवाज पर या जो दिखाई दे रहा है,उसे शब्दों में उकेरने की कोशिश करता हूँ।

—हमारी यह भी कोशिश हो कि लेखन से समाज में वैचारिक परिवर्तन हो। समाज की समस्याओं पर फ़ोकस हो।

— लेखन का विषय और मुद्दे ; विकास ,संगठन, एकता, प्रेम, सौहार्द्र ,भाई- चारा से जुड़े हो।

— यह भी ध्यान रखा जाये कि जनता की ” भावनाओं ” को ठेस नहीँ पहुँचे।

— लेखन की विद्या अनंत है। विचार जो मस्तिष्क में उमड़ने लगे , तब ही कलम उठाकर लिखना शुरू कर देना चाहिए।

–मेरी समाज के लेखकों को बधाई।
–हो सकता है मेरे द्वारा लिखे गए नामों के अलावा भी अनेक साथी लिख रहे है।

–यह जानकारी तो मुझे व्हाट्सअप ग्रुप्स से मिली है ,जो मैनें आपको प्रस्तुत कर दी।

— वैसे इस सूची में अन्य नाम भी आप जोड़कर मेरे ज्ञान में वृद्धि करेंगे तो मुझे अच्छा लगेगा।

रामावतार मीणा , आर. ए. ए स. जयपुर( राजस्थान) ।

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