डॉ साहब के जन्मदिन पर माँगा कुछ ऐसा आशीर्वाद, कि वो मना ही नही कर पाये

आदिवासी समुदाय की राजनीति के स्तम्भकार #जननायक डॉ किरोड़ीलाल मीणा जी को 68 वे जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
इस मौके पर मैं अपने जीवन मे पहली बार मेरे पितातुल्य डॉ साहब से कुछ अनुरोध कर रहा हूं। यूँ तो मैं उनको राय दु, इस लायक हरगिज नहीं, पर अपने जीवन के कई बसन्तो से उन्हें फॉलो करते आ रहा हूं, तो खुद को सलाह देने से रोक नही पा रहा हूं। इस गुस्ताखी के लिए माफ़ी चाहूंगा
■ जैसा कि आप ये फोटो में देख रहे हो, इस फोटो में नरेश मीणा का काफिला डॉ साहब के बंगले के सामने से निकलते वक्त का हैं।
■ इस साल में डॉ साहब की घर वापसी हो गई और नरेश को भी अपने नए साथी मिल गये। मतलब दोनो को ही गैल मिल गई।#फिर हम आपस मे विरोध की #रोटियाँ सेकने में क्यो लगे हुए है, वैसे भी हमारे समाज के पास राजनीतिक रूप से बचा ही क्या है। क्या हमें कांग्रेस ने दिया और क्या हमें BJP ने दिया…इन दोनों को संदर्भ में समझे
■ वसुंधरा राजे जी, डॉ साहब से उम्र में तीन साल छोटी हैं, वहीं डॉ साहब 1980 में सवाई माधोपुर बीजेपी के जिलाध्यक्ष बनकर राजनीति में एंट्री कर चुके थे, तो वसुंधरा राजे ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1984 में की। मतलब हर नज़रिये से वह डॉ साहब की जूनियर हुई। पर हुआ क्या, उससे हम अनजान नही….डॉ साहब भैरो सिंह शेखावत को गुरु मानकर 1980 से लेकर 2008 तक BJP की सेवा करते रहे और भैरोसिंह जी सेवा करवाते करवाते ईश्वर के पास चले गए…पर कभी भी डॉ साहब को उनका असली हक दिलवाने की कोशिश नही की।

■ वहीं सचिन पायलट, नरेश मीणा से उम्र में चार साल बढ़े हैं। वहीं राजनैतिक एंट्री की बात करे, तो सचिन के कद के सामने नरेश मीणा की तो अभी शुरुआत हैं मतलब उसे तो अभी तक पूरी तरह एंट्री भी नही मिली हैं, फिर फैल पास की अभी तुलना कैसे हो…और नरेश मीणा के इतने पीछे रहने के पीछे कही उसके बचपन के गुरूओ की नाकामयाबी तो नही छुपी हुई हैं…. डॉ साहब, मेरा ये इशारा सीधा आपकी तरफ ही हैं, गांव में जब कोई जयपुर पढ़कर भी नोकरी नही लगता तो, उसके साथी कह ही देते हैं कि याके स्कूल में मास्टरन ने याकू कछु सिखायो ही नही…तो अब लख्खन कैसे आएंगे…..कुछ ऐसे ही हो रहा है आपके साथ भी…चलो नरेश तो गोली मारो…वो तो समय से पहले ही आपके गुरुकुल को छोड़कर भाग गया….पर अभी भी आपको खुदको साबित करना होगा कि आप एक बेहतर गुरु हो, दीपक मीणा और धुंधी मीणा जी अभी भी आपकी ही कोचिंग के राजनैतिक छात्र हैं… और उन्हें टिकट दिलवाना मतलब आप खुद को फिर से एक बेहतर गुरु साबित कर सकते हो…अन्यथा आरोप तो लगेंगे ही…

■ सोचो क्यो लगेंगे आरोप…जबकि मेरी नज़र में आपसे बेहतर संघर्ष करने वाला अब तक कोई और मीना नेता नही…फिर भी नमो जी कह देते हैं, परसादी जी कह देते हैं… रामकेश जी कह देते हैं…, कि उन्हें डॉ ने हरवाया हैं… जबकि मेरा स्पस्ट मत हैं कि हराने जीतने वाली सिर्फ जनता होती हैं…अब पता नही ये क्यो हारे…लेकिन जब आप बोल ही देते हो…अब रमेश को भी, मुरारी को भी साफ करवाना है… तो जनता भी बोलने लग जाती हैं… कहीं आगे ऐसा ना हो कि गोलमा जी और जगमोहन जी भी नही बोलने लग जाये कि उन्हें भी डॉ साहब ने हरवाया हैं।

■ डॉ साहब आप हमारी पहचान हो, आप किसी भी पार्टी में रहो, पर समाज से अच्छे नेतृत्व को आगे करो…कॉग्रेस से रमेश मीणा जीते या फिर BJP से हुड़ला…हमे दिक्कत नही होनी चाहिए…दिक्कत हमे तब होनी चाहिए…जब ST सीट से चेची और धानका जीते….

■ उम्मीद हैं कि इस जन्मदिन पर आप समाज के सभी युवाओं को अपना आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देगे.. साथ ही सरकार कांग्रेस की आये या फिर BJP ..आप की तरफ से दोनो पार्टियों में हमारे समाज के ज्यादा से ज्यादा नेतायों को जिताने की कोशिश रहेगी।…हमे आप पार्टियों से ज्यादा हमारे समाज के गॉडफादर नज़र आते हो…और मैं चाहता हु कि आप कि पहली प्राथमिकता हमेशा और हमेशा अपना समाज रहे…
आपका एक मूक समर्थक

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