1930 से 1960 तक के मीणा संघर्ष पर एक नज़र

1930 से 1960 तक मीणा संघर्ष पर एक नजर

ग्रुप में मैंने एक पोस्ट पढ़ी की “मीणा समाज में अब तक महापुरुष किसको कहा जा सकता है ?” तो लोग बताने लगे कि फला भेरूजी, फला व्यक्ति। ऐसे नाम बताने वालों का कोई दोष नही है, क्योंकि उन तक समाज के हक के लिए संघर्ष करने वाले और समाज मे जागृति लाने वालो की जानकारी पहुंची ही नही। इसलिए वो कैसे बता पाएंगे।

मैं समाज के उन रियल हीरो के नाम की लिस्ट उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहा हूँ, जो समाज के हक के लिए 1930 से लेकर जीवनपर्यंत लड़े, जिनकी वजह से मीणा समाज मे जागृति आयी और आरक्षण मिला।

माफ कीजियेगा मेरा मकसद किसी को ठेस पहुचाने का नही है। गलती मेरे से भी हो सकती है। जिनके पास और जानकारी हो वो तथ्यों सहित उपलब्ध करवाए, सुनी सुनाई बातो से नही। 1952 में मीनाओ पर से जरायम पेशा एक्ट हटाया गया, 1956 में कालेकर कमेठी की सिफारिश से राजस्थान के सभी मीनाओ को जनजाति में आरक्षण दिया गया। लेकिन उदयपुर संभाग के मीनाओ जितनी सुविधाएं नही दी गयी 1960 में ढेबर आयोग की सिफारिश से राजस्थान के सभी मीनाओ को, उदयपुर संभाग के मीनाओ जितना अधिकार और सुविधाए दी गयी।

सरकार द्वारा घोषित मीणा समाज के तीन स्वतंत्रता सैनानी है ।
1. श्री लक्ष्मी नारायण झरवाल, जयपुर
2. श्री कृष्ण मत्स्या
3. श्री सुरजा राम

जब अनुसूचित जनजाति की पहली लिस्ट में मीनाओ का नाम नही आया तो श्री लक्ष्मी नारायण झरवाल जी और भेरू लाल काला बादल, (कोटा) ने कुछ समाज सेवियो की एक टीम गठित कर ज्ञापन देने के लिए दिल्ली भेजे। उस टीम के सदस्य निम्नलिखित है।

  1. गोविंदराम मारवाड़ जंक्शन
  2. रामचंद्र जागीरदार डोला का बास(जयपुर)
  3. किशन लाल , घाटगेट
  4. अडिसाल जी कोटपूतली
  5. सूबेदार सावंत सिंह, शांजापुर(अलवर)
  6. बोदन राम अलवर

1930 से 1960 तक सक्रिय रूप से मीणा आंदोलन में भूमिका निभाने वाले समाज सेवियो की लिस्ट-

  1. श्री लक्ष्मी नारायण झरवाल, जयपुर
  2. श्री गणपतराम बगरानिया, नरेड(झुंझुनू)
  3. श्री भैरव लाल काला बादल, कोटा
  4. एडवोकेट भीम सिंह, भरतपुर
  5. श्री एडवोकेट किशन लाल
  6. श्री अडिसालसिंह मत्स्या, कोटपूतली
  7. श्री बद्री प्रसाद दुखिया, शहंजापुर
  8. श्री हरि किशन राजगढ़, अलवर
  9. श्री गुलाब चंद गोठवाल, घाटगेट
  10. श्री भगवताराम, सीकर
  11. श्री झुथा लाल नाढला, बस्सी
  12. श्री चंदालाल बैट्रिवाला, जयपुर
  13. श्री राम सहाय पटेल, नागल
  14. श्री कालू पटेल, बामनवास
  15. श्री धर्मपाल, लूना की नागंल, हरियाणा
  16. श्री कृष्ण मत्स्य हिरनौदा
  17. श्री छाजूराम महाशय, शहंजापुर
  18. श्री भगवान सिंह तरंगी, डग( झालावाड़
  19. श्री बाबू हरिसिंह जी
    20.श्री राम सिंह नोरावत, डग(झालावाड़)
    21श्री लालाराम प्रसाद, चौहमला(झालावाड़)
  20. श्री सूंदर जेफ, आमेर कुंडा
  21. श्री हरसहाय जेफ, नयाबास(सीकर)
  22. श्री सुरजाराम लाम्या, मंडोता(सीकर)
  23. मास्टर श्री चौथमल, उदयपुरवाटी (सीकर)
  24. मास्टर श्री रंजीत मल, नीमकाथाना
  25. श्री हनुमान कांवत
  26. श्री प्रभु दयाल हटबाल, रींगस(सीकर)
  27. श्री हरसहाय, शाहबाद, कोटा
  28. श्री गोविंदराम
  29. श्री बाबा अर्जुनपुरी, चिथवाड़ी
  30. मुनि मगन सागर
  31. श्री अर्जुन मीणा, नयाबास सीकर
  32. सावंता राम मीणा
  33. कैप्टेन छुटन लाल

1930 से 1960 तक छोटे मोटे और भी बहुत सारे समाज सेवी है जिनकी लिस्ट बहुत लंबी हो जाएगी।
दूसरे समाज के समाज सेवी, जिन्होंने मीणा समाज के अधिकारों और जागृति के लिए महत्त्वपूर्ण संघर्ष किया।
1. श्री पंडित बंशीधर शर्मा, श्रीमाधोपुर
2. श्री राजेन्द्र कुमार अजेय
3. श्री बद्रीनारायण जी खोरा

कई लोगो का मानना है कि मीनाओ को आरक्षण मिलना कैप्टेन छुटन लाल जी की देंन है।

ये कहना 1930 से लेकर जीवनपर्यत समाज के हक और अधिकारों के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता सैनायियो और समाज सेवियो के साथ अन्याय होगा। कैप्टन छुटन लाल जी 1952 मे फौज से रिटायर्ड हुए। इससे पहले समाज सेवा में सक्रिय नही थे। 1956 में आरक्षण मिल गया था। जिसकी प्रक्रिया 1947 से से चल रही थी। 1957 में वे राजनीति में आ गए और चुनाव लड़े, वो चुनाव हार गए। क्योंकि अभी उनकी पहचान एक समाज सेवी के रूप में नही बनी थी। 1960 में ढेबर आयोग दौरे पर आया अचरोल के पास के गांवों का दौरा लक्ष्मी नारायण झरवाल जी ने करवाया, दूसरे क्षेत्र में दूसरे समाज सेवियो ने करवाया, कुछ गांवों का दौरा कैप्टन छुटन लाल जी ने करवाया।

आरक्षण मिलने के बाद , समाज को आरक्षण का लाभ लेने के लिए दौसा और नादौती के आस पास के क्षेत्र में कैप्टन छुटन लाल जी ने समाज को जागृत किया। लोगो को शिक्षा की तरफ मोड़े।

इस तरह के कार्यक्रम मीणा सुधार समिति के तत्वाधान में पुराने समाज सेवियो की देखरेख में पूरे राजस्थान में चल रहा था। ये काम पूरे राजस्थान में बहुत सारे समाज सेवियो ने अपने अपने क्षेत्र में किया है। 1956 में आरक्षण मिलने के बाद , आरक्षण का लाभ लेने के लिए कप्तान छुटन लाल जी ने अपने क्षेत्र में समाज को जागृत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। किसी के पास और अधिक जानकारी हो तो तथ्यों सहित उपलब्ध करवाईये। किसी को ठेस पहुचाने वाले कॉमेंट्स ना करे, साफ सुथरी जानकारी दे। समाज के लोगों को पता चले कि 1930 से 1960 तक मीणा समाज के लोगो ने ब्रिटश कानून, रियासती कानून, पुलिस दमन से संघर्ष कर अपने अधिकार ले लिए थे। आज सब कुछ होते हुए भी हम अपने अधिकारों को क्यो नही बचा पा रहे। इस पोस्ट का मकसद केवल समाज के रियल हीरो के संघर्ष के बारे में जानने के लिए समाज के लोगो को प्रेरित करना है किसी को ठेस पहुचाना नही है।

साभार-प्रभु झरवाल

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