सर्दी में ठुठरते राम

कल न्यूज चैनल बदलते हुऐ अचानक एक पंच लाईन पर नजर पड़ी ”सर्दी में ठिठुरते राम” थोड़ी देर रुका तो पता लगा इसीपर डिबेट चल रही है, वीएचपी का प्रवक्ता बोल रहा था “राम लला को ठण्ड़ लग रही है हीटर व गर्म कपड़े की व्यवस्था होनी चाहिये”
एक बार तो मन किया सर दीवार पर दे मारूं लेकिन इसमें अपना हि नुकसान था इसलिए ये वाहियात ख्याल मन से निकाल दिया !

फिर दिमाग में कुछ ख्याल आया और सबसे पहले तो इलेक्ट्रिक हीटर बनाने वाले वैज्ञानिक का शुक्रिया अदा किया, जिसकी वजह से रामलला बचते आये है वरना बेचारे को सर्दी लगकर निमोनिया हो जाता, हो सकता है गाँव के सबसे बुजुर्ग कि तरह रामलला भी सर्दी बर्दाश्त नहीँ कर पाते और स्वर्ग सिधार जाते ! फिर उनके घर का जो ड्रीम प्रोजेक्ट संघ ने लॉंच किया है वो बीच में हि लटक जाता आखिर जिसका घर बन रहा है वही निकल लिया तो घर का क्या काम ?

फिर कुछ शांति से सोचा तो याद आया हीटर कि खोज तो कुछ दशक पहले हि हुई है, हो सकता है जब तक खोज हुई हो, रामजी सर्दी लगकर मर खप गये हो, और प्रॉपर्टी कि लड़ाई के चक्कर में पंजाब वाले आशुतोष महाराज कि तरह जबर्दस्ती लाश को समाधि का नाम दे रखा हो ?

लेकिन सबसे लॉजिक सवाल तो ये उठ रहा है, 33 करोड़ में से सर्दी अकेले राम को हि लगती है क्या ? और सारे क्या अंटार्कटिका में पैदा हुऐ थे जो उनपर सर्दी का इतना असर नहीँ होता ?
मैं तो बेचारे भोलेनाथ कि सोच रहा हूँ, इतनी ठंड और बर्फबारी में हिमालय पर खुले में पड़े है और उनकी किसी को कोई चिंता नहीँ ! वैष्णु माता के हालात भी कुछ ऐसे हि है !

वैेसे इससे एक बात तो फिर से साबित हो गयी, मैं भगवान राम से ज्यादा पॉवरफुल हूँ आखिर मैंने अब तक हीटर नहीँ चलाया क्योंकि मुझे इतनी सर्दी हि नहीँ लगती !

मेरी मानो तो जब तक रामलला तिरपाल में ठिठुर रहे हैं, सभी रामभक्तों को अपने कम्बल, रजाईयां, अंगीठियाँ, हीटर, गर्म पानी से स्नान और स्वेटर इत्यादि का त्याग कर देना चाहिए ! हो सकता है आपकी भक्ति और श्रद्धा देखकर राम प्रसन्न हो जाये और आपको सीधा खुदके पास बुला ले ! यू नो मुक्ति !
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सुधर जाओ बे गधों, तुम्हारी ऐसी हरकतें देखकर तो राम जिंदा होता तो उसे भी शर्म आती ! जब वो देखता कि उसी कि अयोध्या और यूपी में लाखों बेघर ठंड से ठिठुर रहे है और उनकी चिंता करने कि बजाय तुम पत्थरों कि चिंता कर रहे हो ! उसके नाम पर 1400 करोड़ का चंदा डकार गये और स्वेटर माँग रहे हो सरकार से !

  • हीटर कि आँच पर तुम्हे क्या पकाना है, ये रामलला भी अच्छे से जानते है !
    पकाओ तुम !
    अपने तो पड़ोस के पार्क में पौष बड़ा पक रहे है ! पकौड़ो का इंतजाम वहाँ हो जायेगा, बकाडी अपन टाँग ले जायेंगे !

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