मानवतावादी विश्व समाज की सोच से ही हो सकता हैं जगत का कल्याण

अभी कल जयपुर,में”मानवतावादी विश्व समाज”की विचारधारा मीटिंग आयोजित की गई।इससे पूर्व की इस तरह की हज़ारो मीटिंग्स का आयोजन देश के विभिन्न जगहों पर किया जा चुका है।

मीटिंग को सम्बोधित करते हुए किशन सहाय आईपीएस,पुलिस अधीक्षक सी.आई.डी.(सी बी)ने कहा कि अंधविश्वास मुक्त, वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त, परम्परागत धर्मविहीन,जातिविहीन,नस्लभेद मुक्त,साहसी,स्वस्थ,शिक्षित और उच्च नैतिक मूल्यों वाले”मानवतावादी विश्व समाज”का निर्माण करना,अपना प्रमुख लक्ष्य हना चाहिए।इससे भारत सहित विश्व मानवता का भला है।यह एक युग परिवर्तनकारी विचारधारा है।यह विचारधारा अच्छे व न्यायिक प्रवृत्ति के लोगों को बढ़ावा देने के लिए आई है।

इजराइल,चीन,इंग्लैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन,नॉर्वे सहित जो देश विज्ञान तकनीकी पर जोर दे रहे हैं वो विकास की दौड़ में आगे हैं और भारत,बांग्लादेश,पाकिस्तान,इंडोनेशिया आदि जो देश धार्मिक अंधविश्वासों में उलझे हुए हैं वो पिछड़े हुए हैं।

उन्होंने ने ईश्वर,अल्लाह,गॉड,देवी देवता,फरिश्ते,आत्मा,स्वर्ग-नर्क,आध्यात्मिकता,भूत-प्रेत,जिन्न,डाकण,कच्चे कलवे,मूठ देना,शुभ-अशुभ,पवित्र-अपवित्र आदि सभी काल्पनिक बातों को अंधविश्वास बताया।धार्मिक अंधविश्वासों पर होने वाले खर्चों को गरीब प्रतिभावान छात्र-छात्राओं व बीमारों की मदद,खेलकूद आदि पर खर्च करने के लिए कहा।

मीटिंग को कैलाश शर्मा पत्रकार ने सम्बोधित करते हुए सभी से इस विचारधारा को अपनाने के लिए प्रेरित किया।एकेडमी के डायरेक्टर अंशुल गोयल ने आश्वासन किया कि हर बैच के छात्र-छात्राओं को इस विचारधारा से अवगत कराया जाता रहेगा।
हेमन्त शर्मा ने प्रक्टिकल करके जादू-टोने और अंधविश्वासों का खंडन किया।मीटिंग में उपस्थित रामधन लाल,विनय गोयल,हेमराज,नवीन,आशीष,त्रिलोक भवानी,आशुतोष सहित सभी छात्र-छात्राओं ने मानवता पर लगे हुए छुआछूत के कलंक व अंधविश्वासों को खत्म करते हुए,”मानवतावादी विश्व समाज”की विचारधारा को आगे से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
किशन सहाय आईपीएस 9460928737

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