बेबस औऱ लाचारों की सेवा से बढ़कर कोई मानव धर्म नहीं-धर्मवीर महवा

आज धर्मपत्नी का दौसा में 2 ग्रेड का एग्जाम था। जयपुर वापसी पर रास्ते में बैनाड़ा मोड़ पर मेरी गाड़ी के जस्ट सामने चल रही एक वेगन आर गाड़ी ने नन्ही बछड़ी को टक्कर मार दी,जिससे उसके आगे के दोनों पैर टूट गये और वह बुरी तरह ज़ख़्मी होकर हाईवे के बीचों-बीच गिर पड़ी,वेगन आर वाले भैया रुके तक नही और गाड़ी दौड़ाते हुये भाग गये,मुझसे और मेरी धर्मपत्नी से आगे बढ़ा नही गया हम रुक गये धीरे-धीरे और भाई बंधू भी रुके,सहायता के लिये फोन किये लेकिन कोई सहायता नही मिली,

नन्ही गाय दर्द से तड़प रही थी हमसे और रुका नही गया और हम ख़ुदकी गाड़ी में उसे बैठाकर कानोता की हिंगोनिया गोसाला के अस्पताल लेकर गये,और उसे इमरजेंसी में भर्ती करवाया व तुरंत उसका उपचार शुरू करवाया,घटना स्थल से गोसाला तक करीब आधे घंटे के सफर में नन्ही गाय गाड़ी में बहुत तड़पी गोबर तक कर दिया इतना दर्द उसके हो रहा था,

दोस्तों दुर्घटना कभी भी किसी के साथ हो सकती है इंसान तो बोल कर अपना दर्द बता देता है,लेकिन बेज़ुबान जानवर कुछ नही कह सकता उसकी आँखे हमें प्यार से देख रही थी शायद,? हम दोनों को आज बहुत ख़ुशी हुई उसकी मदद करके अस्पताल पहुँचकर वह अब कुछ दिनों में ठीक भी हो जायेगी!

धर्मवीर सरिता

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