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    reservation of mina not to meena
    brijesh के द्वारा भेजा गया। on Monday, November 25 @ 12:15:56 BDT (139 बार पढा गया।)
    hot issue of society rakeshraj writes "Petition regarding reservation to mina not the meena has been filed in supreme court and the government reply that reservation is given to mina caste of rajasthan.
    petitioner says on this ground that meena's are not entitled for reservation and those who write meena instead of mina are to be expelled from reservation.
    As far as i think the word mina and meena mentioned in caste certificate is written by or verified by the tehasildar  and i don't think that at that time mina/ meena people are so literate to understand the difference of mina and meena . what they learnt in school is spelling for mina is both mina and meena. The reservation was granted to whole meena tribe of rajasthan."
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    श्री हरिराम मीणा को बिहारी पुरस्कार
    brijesh के द्वारा भेजा गया। on Thursday, August 22 @ 22:06:45 BDT (209 बार पढा गया।)
    News of society आदिवासी साहित्यकार हरिराम मीणा को वर्ष 2012 के साहित्य जगत का ‘बिहारी पुरस्कार’देने की घोषणा 
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    के.के. बिरला फाउंडेशन, नर्इ दिल्ली की प्रैस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2012 के ’बिहारी पुरस्कार’ के लिए राजस्थान के जाने-माने कथाकार श्री हरिराम मीणा के उपन्यास ‘धूणी तपे तीर’ को चुना गया है, जो वर्ष 2008 में प्रकाशित हुआ था। 1991 से प्रारंभ बिहारी पुरस्कार के रूप में लेखक को एक प्रशस्ति-पत्र, प्रतीक चिन्ह और एक लाख रूपये की राशि भेंट की जाती है.|
    के.के.बिरला फाउंडेशन द्वारा प्रवर्तित यह पुरस्कार केवल राजस्थान के हिंदी/राजस्थानी लेखकों के लिए है. जिसकी परिभाषा में राजस्थान के मूल निवासियों के अतिरिक्त वे लोग आते हैं जो पिछले सात वर्षों से अधिक समय से राजस्थान में रह रहे हैं. पिछले दस वर्षों में प्रकाशित राजस्थान के किसी लेखक की उत्कृष्ट हिंदी/राजस्थानी कृति को प्रतिवर्ष दिया जाने वाला पुरस्कार महाकवि बिहारी के नाम पर दिया जाता है. 
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    discrimination from sc st in society
    brijesh के द्वारा भेजा गया। on Tuesday, August 06 @ 21:10:39 BDT (151 बार पढा गया।)
    hot issue of society deepakm27 writes "Petition Background (Preamble): The word “Hindu” is a foreign with Persian and Arabic origins. The word “Hinduism” is a Persian/ Arabic word that stands for the medieval forms of Brahmanical religion. Brahmanism is based on the Vedic religion, the main principle of which is sacrificing (Yajna). Sacrifice was the hallmark of ancient Indo-Aryan civilization, and the origin and end of this culture lay in the idea of Yajna. Violence and cruelty to living beings were involved in their sacrifices. It is difficult to imagine anything more brutal and material than the theology of the Brahmanas; morality finds no place in the Vedic system. This gospel of violence was justified as late as 200 AD. In fact, the moral doctrine of Ahimsa (nonviolence) is unknown to the old Vedic texts. Early Indo-Aryan—or old Brahmanical—ideals were diametrically opposite to early Buddhist ideals. The caste system is to the Hindu religion what the Vedas are to Brahmanism. "
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    आदिवासी दिवस 9 अगस्त
    brijesh के द्वारा भेजा गया। on Tuesday, August 06 @ 21:09:06 BDT (208 बार पढा गया।)
    Tribal affairs deepakm27 writes "आदिवासी दिवस 9 अगस्त को प्रत्येक आदिवासी अपने घरों में एकता का एक दीप जलाएँ, --------------------------------------------- ----------------------------------------- विश्व के इंडिजिनस पिपुल (आदिवासी) के मानवाधिकारों को लागू करने और उनके संरक्षण के लिए 1982 मेँ संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने एक कार्यदल (UNWGEP) के उपआयोग का गठन हुआ जिसकी पहली बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी ।आदिवासी समाज की समस्याओ के निराकरण हेतु विश्व के देशों का ध्यानाकर्षण के लिए सबसे पहले यूएनओ ने विश्व पृथ्वी दिवस 3 जून 1992 में होने वाले सम्मेलन के 300 पन्ने के एजेण्डे मे 40 विषय जो चार भागो मे बाटे गये तीसरे भाग मे रिओ-डी-जनेरो (ब्राजील) सम्मेलन मेँ विश्व के आदिवासियों की स्थिति की समीक्षा और चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया गया ऐसा विश्व मेँ पहली बार हुआ । यूएनओ ने अपने गठन के 50वे वर्ष मे यह महसूस किया कि 21 वीँ सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत आदिवासी समाज अपनी उपेक्षा,गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा का अभाव,बेरोजगारी एवं बन्धुआ व बाल मजदूरी जैसी समस्याओ से ग्रसित है । अतः 1993 मेँ UNWGEP कार्यदल के 11 वेँ अधिवेशन मेँ आदिवासी अधिकार घोषणा प्रारुप को मान्यता मिलने पर 1993 को आदिवासी वर्ष व 9 अगस्त को आदिवासी दिवस घोषित किया गया ।अतः आदिवासियों को अधिकार दिलाने और उनकी समस्याओ का निराकरण,भाषा संस्कृति, इतिहास के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 9 अगस्त 1994 में जेनेवा शहर में विश्व के आदिवासी प्रतिनिधियों का विशाल एवं विश्व का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस सम्मेलन आयोजित किया । आदिवासियो की संस्कृति,भाषा, आदिवासियों के मूलभूत हक का सभी ने एक मत से स्वीकार किया और आदिवासियों के सभी हक बरकरार है इस बात की पुष्ठी कर दी गई और विश्व राष्ट्र समूह ने " हम आपके साथ है " यह वचन आदिवासियोँ को दिया । "
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    मीन पुराण कथा सप्ताह
    brijesh के द्वारा भेजा गया। on Monday, June 10 @ 23:12:35 BDT (307 बार पढा गया।)
    News of society champa writes "
    आदरणीय समाज बंधुओं


    हमारे गांव जस्टाना (सवाई माधोपुर) में दिनांक 09 से 17 जून 2013 तक भगवत कथा तथा मीन पुराण कथा सप्ताह का समस्त ग्राम वासियों द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आप सभी समाज बंधु सादर आमंत्रित है।


    विशेष आकर्षणः- कथा वाचक डॉ. कीर्ति कुमार मीणा


    मूर्ति स्थापनाः- राजा राव मेदा सीहरा


    अतः आप समस्त समाज बंधु सादर आमंत्रित है।


     चम्पाराम जस्टाना

     9414553689

    "
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