SC ST में क्रिमीलेयर की आवाज़ – वक्त की जरूरत या फिर संविधान के साथ खिलवाड़

दोस्तों, आज मैं सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को पढ़कर बेहद आहत हूँ, इस इश्यू को मध्य नजर रखकर ही कुछ कटू बोल, बोल रहा हूँ, लेकिन हम सभी के हित में अग्रिम सच व सटीक बयां कर रहा हूँ ! ध्यान दीजियेगा, जल्द सभी सक्रिय रूप से अमल करके धरातलीय स्तर पर राज्य व केंद्र भाजपा सरकार के खिलाफ जंग-ए-ऐलान का बिगुल फूकियेगा ! मेरे इन शब्दों का मतलब, उग्र भड़कना मकसद नहीं है ‘बल्कि जिंदा मौन रूपी लाश बनी कौम को जगाना मेरा इन शब्दों में मुख्य मकसद हैं’ !

उम्मीद है आने वाली युवा पीढ़ी व अपनी खोक में छिपी व गर्भ में पली औलादों के लिए बेहतर क्रांतिकारी कदम साबित होगा ! अगर तुम साथ भी नहीं दोगे, तो चाहे मेरा व्यक्तिगत कितना ही नुकसान हो जाये लेकिन मेैं सरकार व सुप्रीम कोर्ट के इस कुत्सित प्रयास को कदापि सफल नहीं होने दुंगा, चाहे हमें किसी भी हद से गुजरना पड़े !

‘अन्यथा अब वो दिन दुर नहीं रहा जब आप सभी को दो फाड़ करके, खाक-खाक व धुआँ-धुआँ करके राख कर दिया जायेगा ‘!

अवगत रहें, यह सब बात इस पोस्ट में कोई नौकरशाह बयां नहीं कर रहा है बल्कि एक बेहद तंग हालातों का मारा समाज का एक पढ़ा-लिखा पोस्टग्रेजुएट युवा बेरोजगार, गरीब किसान का बेटा लिख रहा है, जिससे आप यह आरोप ना लगे सके कि आप अपनी नौकरशाह औलाद की यह सब लिखकर आगे की रोटी सेक रहे हैं !

जैसा आप सभी को विधित है कि सुप्रीम कोर्ट व मोदी सरकार ने रिर्जवेशन में से क्रिमीलेयर व्यवस्था को हटाकर हमारे आरक्षित वर्ग को “फूट डालो ओर आरक्षण खत्म करों” की ‘मीठी हमदर्दी गोली नीति’ के तहत खत्म करने का लगभग आधा प्लान तैयार कर लिया हैं, ओर आप सोये हुये हो ! यह पहली बार मैं ऑफिशियली रूप से कह रहा हूँ, क्योंकि भाजपा महज एक कदम दुर है रिर्जवेशन को तोड़ने के, बेहतर है संभल जाओ नहीं विखंडित करके समाप्त कर दिये जाओगे !

मैं क्रिमीलेयर का उस दिन तक विरोध करता रहूँगा जब तक कि देश के चुनिंदा उच्च संवैधानिक शीर्ष पदों के साथ राजनीतिक व्यवस्था, ब्यूरोक्रेसी व न्यायपालिका में 85% लोग हमारे आरक्षित वर्ग के नहीं पहूंच जाते हैं तब तक जारी रहेगा !

इसलिए क्योंकि हमारे इतने संघर्ष व मांग के बाद भी जब कई दशक बीत जाने के बाद इन सरकारों ने हमें नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया, ओर आरक्षण में क्रिमीलेयर इतने कम समय में बिना मांग व बिना कहे खत्म कर रहे हैं, तो आप इस भाजपा सरकार की गुस्ताकी समझ सकते हो ! मुझे ज्यादा अवगत कराने की जरूरत नहीं, सब मेरे से अधिक बुद्धिजीवी लोग हैं आप ध्यान दिजियेगा !

अंत में मेरा सदेंश उन आरक्षित समाज के कुछ चुनिंदा गणमान्य सामाजिक दोस्तों को जो सरकार के राजनैतिक व नौकरशाही के कुछ विभिन्न पदों पर बैठे है वह इस इश्यू को गंभीरता से लें ! बेशक, हद तक ओर असल में यह लड़ाई हम आप जैसे लोगों की जिंदा व होने वाली औलादों के ही लिए लड़ रहे है सो विनम्र सादर निवेदन है कि बिना किसी दवाब के परवाह किये बिना, बुलंद हौसलों के साथ खुलेआम तन-मन-धन से साथ व समर्थन दिजियेगा !

घृणित मानसिकता की भगवा सरकार से डरना कैसा ? क्या आप अपने हक-अधिकार व न्याय की लड़ाई आप सरकार के पल्लू में बंधे हैं इसलिए नहीं लड़ेगें, हद है अजीब बात है ! शर्म करो, एकदम ब्यूरोक्रेसी का ठप्पा लगाकर नपुंसक मत बनों ! मैं यह नहीं कहता कि आप हमारे साथ उग्रता पूर्वक साथ व समर्थन दें, यह संभव नहीं है मैं समझ सकता हूँ क्योंकि मैंने भी उस कुर्सी के लिए सपने संजोये रखे हैं जिस पर आप बैठे हो इसलिए यह कहना गुस्ताखी होगी ! संवैधानिक अधिकार की लड़ाई आप सरकार के खिलाफ लड़े तो कोई जुर्म नहीं होगा !

इसलिए बेहतर है, आओ हम सब मिलकर अपनी जिंदा मौजूदा बहुजन कौम की ऐकता, अखण्डता व हमें मिलें संवैधानिक हक व अधिकार को बचायें !

आपका अपना
नाचीज दोस्त

  • हंसराज मीणा

( स्वतंत्र बहुजन युवा लेखक )

ट्वीटर हैंडल संपर्क- @iHansraj

मोबाइल नंबर- +91-7568924112

धन्यवाद !

जय भीम, जय भारत !!

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