पाँचवी अनुसूची की सख़्ती से अनुपालना करवाने के लिए सभी आदिवासियों को एकजुट होना ही पड़ेगा

सेवा जोहार  भाइयो आज आदिवासी समुदाय  का अस्तित्व जाति,संगठन व धर्म में बंट गया है। हमें अब एकजुट होने की आवश्यकता है। आज हमारे समुदाय का अस्तित्व खतरे में है।चारो और समस्याए ही समस्याए...