मीना लोक गीतों में पति पत्नी में हास परिहास

मीना लोक गीतो में पति-पत्नी में हास- परिहास- उपालभ्य— पति -पत्नी गृहस्थ जीवन रुपी रथ के दो पहिये हैं अतः इनमें सांमजस्य रहना बहुत जरुरी हैं । इस हेतु दोनों में हास-परिहास, रुठना-मनाना, उपालभ्य...